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घायल वन्स अगेन

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Ghayal Once Again movie review starring Sunny Deol, Soha Ali Khan, Om Puri, is here. Read it full.

Ghayal Once Again
Ghayal Once Again
  • Movie Name: Ghayal Once Again
  • Critics Rating: 2/5
  • Release Date: Feb 5, 2016
  • Director: सनी देओल
  • Genre: एक्शन फिल्म

80-90 के दशक में अगर मिथुन और धर्मेंद्र की फिल्मों का रोमांच नहीं देख पाए जिसमें हीरो कई गोलियां लगने के बाद भी विलेन को बुरी तरह धोता है तो फिक्र मत कीजिए सनी देओल की ताजा फिल्म आपकी इस इच्छा को पूरा कर देगी। जरा फील कीजिए कि आप किसी छोटे कस्बे के सिनेमा हॉल और टॉकीज में बैठे हैं जहां हीरो के पंच पर हुडदंग आम होता है। पॉप कार्न के पैकेट के साथ सिनेमा हॉल में ही ऑडियंस का लाइव कमेंट्री आपको एक्ट्रा इफेक्ट्स सा फील देगी। मुंबई के एंटीलिया को बार बार जूम करके दिखाए गए सीन आपको मुंबई की शान-ओ-शौकत के दर्शन भी करा सकते हैं। एक ढ़ीली-ढाली स्क्रिप्ट पर जबरन के किरदारों में गुंथी हुई फिल्म है ‘घायल वन्स अगेन’। कुल मिलाकर अगर आप सनी देओल के सच्चे वाले फैन हैं तो इसे 250 रुपए खर्च कर सिनेमा हॉल में देख सकते हैं।

क्या है फिल्म की कहानी:

फिल्म मीडिया के ग्रे शेड से शुरु होती है.... मुंबई के एक बड़े बिजनेस राज बंसल का बेटा एक आरटीआई एक्टिविस्ट का गृहमंत्री के सामने खून कर देता है। पॉलिटीशियन और पुलिस की सांठ-गांठ से इस वारदात को एक सड़क एक्सीडेंट का रुप देने की कोशिश की जाती है। लेकिन फिल्म के चार युवा किरदारों में से एक लड़की के लैपटॉप में डाउनलोडिंग के दौरान ही इस वारदात का वीडियो भी किसी तरह ट्रैस और अपलोड हो जाता है। लड़कियां इस वीडियो को अजय मेहरा को देने के बारे में सोचते हैं। लेकिन लड़का का एक दोस्त अपने पिता को बुलाता है, ताकि वो उसकी मदद करे। वह भरोसा भी दिलाते हैं लेकिन वो इस वीडियो को राज बंसल के पास पहुंचा देते हैं। राज बंसल इसके बाद इन चारों युवाओं के फौन की टैपिंग करवाने लगता है। जब इन चारों लड़कों को पता चलता है कि उनका वीडियो उसी क्रिमिनल के पास पहुंच चुका है तो उन्हें निराशा होती है, लेकिन एक लड़की उस वीडियो का बैकअप अपने पास सेव कर लेती है। इस वीडियो को अजय मेहरा को थमाने के लिए ये चारों युवा फोन करते हैं।

अजय उनसे उन्हें ऑफिस आने को कहता है। जैसा कि चारों लोगों के फोन टैप हो चुके होते है, तो उनके पीछे कुछ बदमाश छोड़ दिए जाते हैं जो उनसे वीडियो कैसेट छुड़ाने की कोशिश करते हैं। बदमाश इन चारों युवाओं को पूरे मॉल में दौड़ा-दौड़ाकर मारते हैं। जब सभी बेदम हो जाते हैं और बदमाश उनसे वह वीडियो छीन लेते हैं तब एंट्री होती है अजय मेहरा की जो बदमाशों को अपने चिर परिचित अंदाज में पीटते हुए अधमरा करते हैं और चारों युवाओं को वहां से बचाकर ले जाते हैं। लेकिन जब अजय को पता चलता है कि एक लड़के ने पकड़े जाने के डर से वीडियो कैसेट को मॉल में ही कहीं छुपा दिया था तो राज असमंजस में पड़ जाता है। ट्रैसिंग और ट्रैकिंग का तकनीकी खेल फिर शुरु होता है और सनी देओल और बदमाशों के बीच की मार-कुटाई दोबारा शुरु हो जाती है।

फिल्म में राज की डॉक्टर घायल बच्चों को अस्पताल ले जाती है जहां फिल्म के चारों युवाओं का अपहरण हो जाता है। युवाओं को छोड़े जाने के लिए वीडियो कैसेट की मांग होती है। इमोशनल ड्रामे के बाद कैसेट राज बंसल के आदमियों को थमा दी जाती है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब युवाओं की रिहाई के बाद अजय को पता चलता है कि राज बंसल ने जिस एक लड़की को अब भी अपने कब्जे में कर रखा है तो अजय बुरी तरह टूट जाता है। लेकिन एक बार फिर से प्राचीन हिंदी सिनेमाई दृश्यों की वापसी होती है और सनी देओल एकदम टिपिकल हीरो वाले अंदाज में आ जाते हैं। आगे क्या होता है इसके लिए आपको कम से कम एक बार फिल्म देखनी ही चाहिए।

फिल्म क्यों देखें:

इस फिल्म में सनी देओल के एक्शन के अलावा कुछ भी नहीं है। फिल्म में न कोई लव एंगल है और न ही कोई याद रखने लायक गाना, लेकिन फिल्म में सनी हैं। अगर आप सनी देओल के फैन हैं तो आप इसे एक बार जरूर देख सकते हैं। कुल मिलाकर इस फिल्म को 2 स्टार दिए जा सकते हैं।  

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