IndiaTV RSS Feeds
December 21, 2014

Featured Blogs

Banning opinion polls may boomerang on Congress

I do not agree with the view that the Congress has lost faith in democratic values and is therefore advocating a ban on opinion polls.  I also do not agree that the ruling party is trying to curb free speech. I think it is more of a knee-jerk panic reaction by asking the Election Commission to ban opinion polls. In plain words, Congress doesn’t know how to handle the Modi juggernaut.

गरमी की तपन

ग्रीष्म हमें मांजती है। ताप से झुलसाने के बाद शीतल फुहार की चाहत बढ़ाती है। बदलाव प्रकृति का स्वभाव है। बसंत में मगन मन अचानक ग्रीष्म की तपन से सिहरता है। दिन तमतमाते हैं और रातें बेचैन हो जाती हैं। जब सूरज भूमध्य रेखा से कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, ग्रीष्म का आगमन होता है। तापमान चढ़ता है। पारा टूटता है। जगत आवा बनता है। नदी, ताल और तालाब सूखते हैं। छाया भी अपनी छाया ढूंढ़ती है। कंठ सूखते हैं। शरीर में स

टीका-टोपी के आगे भी देखिए...

13 अप्रैल को नीतीश कुमार ने कहा था कि राजनीति में सत्ता के लिए कभी टोपी भी पहननी पड़ती है कभी टीका भी लगाना पड़ता है। नीतीश का सीधा इशारा नरेन्द्र मोदी की तरफ था। कहते हैं समझदार को इशारा काफी है और बीजेपी में सभी समझदार निकले। बीजेपी ने नीतीश के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। लेकिन उस दिन नीतीश कुमार ने ये भी कहा था कि बीजेपी में अटल बिहारी वाजपेयी थे जो सबको साथ लेकर चलते थे। अटल राजधर्म की बात करते थे।

INDIA TV BLOGGERS

Why Pakistan needs to stop flirting with terrorists

On Nov 17, Sartaj Aziz, Pakistan PM’s adviser on national security, in an interview to BBC had said that there is no need for Pakistan to take action against all militant groups because some of them are not against Pakistan.

Give water its rightful place

I had often heard people working to preserve water bodies say “Water demands its rightful place.” This could be wishful thinking on their part, but in contrast their tone appear to be resigned to accepting the fate that water bodies have continuously been facing at the hands of encroachers for the last decade and a half.

मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया...

"आना जाना हमेशा अपने हाथ में थोड़े ही रहता है दोस्त. इंसान सोचता है मैं उधर चलूं, किस्मत कान पकड़कर उधर ले जाती है. सोचता है इधर चलूं, नाक पकड़कर उधर खींच ले जाती है."

हाशिए पर आडवाणी

जनसंघ और जनता पार्टी के बाद 1980 में जिस भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का जन्म हुआ था, उसे आम आदमी अटल-आडवाणी की पार्टी के रूप में जानता था। समय बदलता गया, पार्टी का काम चलता रहा। एक समय ऐसा भी आया, जब 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जो दुर्गति हुई, वह नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए निराश करने वाली थी।

What China Really Wants And Why

Obviously China is in breach of all the agreed-upon confidence-building measures (CBM) that have been inked with India since 1993 Everyone knows that only too well.

पहले हर-हर गंगे-तभी होगा हर-हर मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नामांकन भरने के दौरान एक भावुक बयान दिया था ‘न तो किसी ने मुझे भेजा है और न खुद आया हूं। मुझे मां गंगा ने बुलाया है।’ अब प्रधानमंत्री बनने के बाद सारा देश देख रहा है कि मोदी कैसे कलयुग के भागीरथ बनकर गंगा को नया जीवन देंगे। मोदी ने गंगा सफाई के मिशन को पूरा करने के लिए गंगा पुनर्जीवन नाम से एक नया मंत्रालय बनाया जिसकी जिम्मेदारी उमा भारती को दी गयी है। उमा भारत

INDIA TV SPORTS
At A Glance
Unforgettable year for Telangana
Hyderabad: 2014 was an emotional and a historic year for  more
B'day Special: Manohar Parrikar, Defence Minister of India
Manohar Parrikar is the Union Defence Minister, a senior BJP  more
B'day Special: Shahnawaz Hussain, BJP's prominent Muslim face
Syed Shahnawaz Hussain is a senior BJP leader and a  more
Read More >>